चेतना प्रकाश संवाददाता
नोएडा। फस्ट रिहैब वन फाउंडेशन सेक्टर 70 नोएडा के सहयोग से कानपुर में दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पुनर्वास सम्मेलन समावेशन की मिसाल कानपुर में दीपिका फिजियोथेरेपी सेंटर एवं कुसुम जन कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पुनर्वास सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से विशेषज्ञों, चिकित्सकों एवं पुनर्वास पेशेवरों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारम्भ केंद्रीय राज्य मंत्री (उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण एवं सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय) बीएल वर्मा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना डिजिटल इंडिया पहल के माध्यम से किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री बी एल वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन देश के हर छोटे-बड़े शहर में आयोजित होने चाहिए, जिससे दिव्यांगजनों के लिए सभी पुनर्वास सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकें। इस आयोजन में फस्ट रिहैब वन फाउंडेशन एवं गायत्री पुनर्वास केंद्र सह-भागीदार रहे। आयोजन सचिव एवं फाउंडेशन निदेशक डॉ. महिपाल सिंह ने 150 दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किट—जिसमें बैग, टिफिन, बोतल एवं थेरेपी के लिए आवश्यक सामग्री शामिल थी—वितरित की। सम्मेलन की मुख्य वक्ता प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव रहीं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों के लिए घर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए समाज को अधिक समावेशी बनाने के उपाय साझा किए, साथ ही युवा पेशेवरों एवं छात्रों के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी ने कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा देश-विदेश से आए अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन प्रमुख कृष्णा यादव, डॉ. भावना आनंद को सम्मानित किया गया। इस दौरान आयोजक मंडल से अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार पांडेय (संस्थापक, दीपिका फिजियोथेरेपी सेंटर) एवं सह-अध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन सिंह (संस्थापक, गायत्री पुनर्वास केंद्र) भी उपस्थित रहे। दो दिवसीय इस सम्मेलन में हड्डी रोग विशेषज्ञ, नवजात शिशु विशेषज्ञ, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट (ओटी), स्पीच थेरेपिस्ट, विशेष शिक्षक, मनोवैज्ञानिक एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों ने अपने विचार एवं शोध प्रस्तुत किए।
