चेतना प्रकाश संवाददाता
नोएडा। हल्दीराम स्किल अकादमी का दीक्षांत समारोह 2025, मल्टी कुज़ीन, फैशन टेक्नोलॉजी और ब्यूटी एंड वेलनेस के विद्यार्थियों के लिए ज्ञानश्री स्किल कैंपस में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में अमोद कांत (पूर्व आईपीएस, संस्थापक निदेशक – प्रयास जेएसी), मनोज सिन्हा (अतिरिक्त निदेशक – प्रयास कार्यकारी समिति सदस्य, सुश्री प्रीति अग्रवाल (निदेशक हल्दीराम), प्रदीप श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त डीजीपी, चंडीगढ़), सुश्री रीता कपूर (निदेशक – हल्दीराम एजुकेशनल सोसाइटी एवं सीएसआर),सुश्री प्रियंका भाटकोटी (प्रधानाचार्य – ज्ञानश्री स्कूल), मेकअप आर्टिस्ट – सुश्री निकिता कौर, सुश्री जैस्मिन टूटेजा, सहयोगी एनजीओ रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के परिजनों भी उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ स्वागत भाषण और सम्मान से हुआ। जिसके बाद परंपरागत दीप प्रज्वलन किया गया और भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया गया।
विद्यार्थियों को उनके प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह उनके परिश्रम और सीख का सम्मान था जिससे उनके शौक को एक पेशेवर कौशल का रूप मिला। यह दिन मल्टी कुज़ीन कुक, फैशन टेक्नोलॉजी और ब्यूटी एवं वेलनेस के छात्रों के लिए गौरव और संभावनाओं, उल्लास और उपलब्धियों का रहा। ।
सुश्री रीता कपूर ने एचएसए की यात्रा साझा की। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने सपनों को दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करें, कौशल का सार्थक उपयोग करें और समाज में बदलाव लाने वाले बनें।
अकादमी की शुरुआत अप्रैल 2023 में हुई थी। अब तक 462 छात्रों ने अपने कोर्स पूरे किए हैं और 100% जॉब प्लेसमेंट विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में प्राप्त किए हैं।
मुख्य अतिथि ने छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और अपने अनुभवों से उन्हें बड़े सपने देखने, दृढ़ निश्चय बनाए रखने और कौशल के माध्यम से समाज में प्रभाव डालने के लिए प्रेरित किया।
प्रदीप श्रीवास्तव ने कौशल प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया और अपने अनुभवजन्य प्रसंगों से विद्यार्थियों को ईमानदारी और मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
सुश्री प्रीति अग्रवाल ने छात्रों को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उन्हें आत्मविश्वास, साहस और मूल्यों के साथ आगे बढ़ने को कहा। भविष्य आपका है इसे आप ही रचेंगे।
अंत में छात्रों ने पूर्ण गरिमा और कृतज्ञता के साथ आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजकों, मार्गदर्शकों, गणमान्य अतिथियों, अपने शिक्षकों और परिवार का धन्यवाद दिया जो उनके पथ प्रदर्शक बने।
